आखिरी प्रेम गीत - अमर प्रेम गीत हो गया 

कहानी की शुरुआत होती है, छोटा न बड़ा शहर से। जहां ऊंचा और नीचा मकान में रहने वाले दो दोस्त, 'सरगम सिंह और नटराज त्रिपाठी' जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते हैं। सरगम सिंह बनना चाहती है- महान नृत्यांगना, तो नटराज बनना चाहता है- महान गायक। आरंभ में ऐसा लगता है कि दोनों के बीच प्रेम प्रसंग है किंतु जल्द ही हमारी गलतफहमी दूर हो जाती है। कॉलेज के यूथ फेस्टिवल में सरगम सिंह को उसका प्यार 'शक्ति सिंह' मिल जाता है। दोनों को मिलाने में नटराज अहम कड़ी बनता है। लेकिन शक्ति सिंह का पिता एसएस सिंह, जोकि एक विधायक है, सरगम सिंह और शक्ति के प्यार के पक्ष में नहीं है। उसे तो किसी बड़े आसामी यानी मालदार पार्टी की आस है। वह शक्ति सिंह का विवाह किसी ऊंचे और  धन संपन्न  घर में करना चाहता है। 
पाठक सोचता है कि शक्ति सिंह  के पिता  का रोड़ा अटकाना और शायद बाद में अरोड़ा हटना ही कहानी का अंत होगा। लेकिन जल्द ही हमारा भ्रम टूट जाता है।  नटराज, जिसका ध्येय बहुत ऊँचा है, अपने शिक्षक के ज़रिए आचार्य मैत्रेय नामक एक नए पात्र से मिलता है।  आचार्य मैत्रेय एक संन्यासी हैं। उन्हें न केवल आध्यात्म का बल्कि संगीत का गहरा ज्ञान है। पहली ही भेंट में नटराज को राग मल्हार सुनाते हैं  जिससे भर गर्मी में जोरदार बारिश होने लगती है। यह कैसे होता है? नटराज के लिए घोर आश्चर्य का विषय है। नटराज उनसे इस प्रकार की संगीत साधना सीखना चाहता है। और वह सीखता भी है । साथ ही वह एक  तंत्र की विद्या भी सीख कर आता है। ऐसी विद्या जो जल्द ही उसकी भेंट एक अप्सरा से कराने वाली है। इसी बीच नटराज को उसका प्यार प्राप्त हो जाता है। फिर एक दिन साधना करते हुए उसके सामने वह अप्सरा, वह देवी जो वरदान दे सकती है,  प्रकट हो जाती है। वह नटराज को एक वरदान देने आयी है। वरदान क्या है और नटराज किस प्रकार उसका प्रयोग करता है? यही आखरी प्रेम गीत का अंत है। 
 बड़ी अद्भुत कहानी है! जाने कितनी ही प्रेम कहानियां पढ़ी है। लेकिन  इस प्रकार की कहानी कभी पढ़ने में नहीं आई। प्रेम कहानियां ऐसी भी लिखी जा सकती है, कभी सोचा नहीं था। राजनीति, टीवी  शो, सिम्मी सिंह, रॉकी और टाइगर जैसे पात्रों का यमदूतों से संवाद! गजब कहानी हैं! लेखक की शैली बहुत अच्छी है। कहीं भी पाठक बोर नहीं होता। अंत में जो सबसे खास बात इस कहानी की है, वो ये कि कहानी बहुत साफ सुथरी है। लेखक और प्रकाशक को इस किताब के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएं। आगे भी ऐसी कहानी का इंतज़ार रहेगा।

समीक्षक - रतन कुमार
 

 

पुस्तक - आखिरी प्रेम गीत

प्रकाशक- flydreams publications 

मूल्य-२०० रू.

पुस्तक प्राप्त करने के लिए प्रकाशक से या  इंदौर पुस्तकालय  पर संपर्क कर सकते हैं -
09660035345,  9009567135