नामजद शो-काज नोटिस एवं पांच हजार रू. का जमानती गिरफ्तारी वारंट भी जारी

मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग द्वारा एक मामले में मध्यप्रदेश के राजगढ़ कलेक्टर  नीरज सिंह को 24 नवम्बर 2021 को आयोग में व्यक्तिशः आकर अपना स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। आयोग द्वारा कलेक्टर नीरज सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर कहा गया है कि क्यों ना उनके विरूद्ध पांच हजार रूपये से अधिक का जुर्माना लगाया जाये ? आयोग ने कलेक्टर  नीरज सिंह को पांच हजार रूपये का जमानती गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है। नोटिस एवं जमानती गिरफ्तारी वारंट की तामीली पुलिस अधीक्षक, राजगढ़ के माध्यम से कराई जायेगी। प्रकरण क्र 5104/राजगढ़/2020 में प्रतिवेदन ना देने एवं आयोग के समक्ष उपस्थित ना होने के कारण कलेक्टर सिंह को आयोग में व्यक्तिशः उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
 
उल्लेखनीय है कि पत्रकार  सूरज सिंह राजपूत निवासी शासकीय कन्या शाला के पास, शुजालपुर रोड़, पचोर, जिला राजगढ़ ने आयोग को 11 सितम्बर 2020 को शिकायत प्रस्तुत की थी कि क्वारंटीन की अवधि के बाद भी उन्हें घर में कैद किया गया। संबंधित अधिकारियों द्वारा उनके पूर्व में प्रकाशित समाचारों की खिन्नता से दुष्प्रेरित होकर उनके एवं उनके परिवार की छवि खराब करने की साजिश की गई तथा उनके अभिव्यक्ति एवं आवागमन के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया, जबकि उनके द्वारा कोविड प्रोटाकाॅल के सभी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन किया गया। आवेदक ने इस संबंध में आयोग से समुचित कार्यवाही करने का अनुरोध किया था। शिकायत मिलने पर आयोग ने प्रकरण क्र 5104/राजगढ़/2020 दर्ज कर कलेक्टर राजगढ़ को प्रतिवेदन देने के लिये कई स्मरण पत्र भेजे, परंतु ना तो प्रतिवेदन मिला और ना ही वे स्वयं उपस्थित हुए। जबकि आयोग ने उन्हें नामजद धारा 32(ग) व्यवहार प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत जुर्माना अधिरोपित करने व कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।
 
अब इस मामले में आयोग ने कलेक्टर राजगढ़  नीरज सिंह को 24 नवम्बर 2021 को आयोग के समक्ष व्यक्तिशः उपस्थित होने के लिए कारण बताओ नोटिस व पांच हजार रूपये का नामजद जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इस नोटिस एवं जमानती गिरफ्तारी वारंट की तामीली के लिए पुलिस अधीक्षक, राजगढ़ को भी 27 सितम्बर 2021 को ही पत्र भेज दिया गया है।