मुम्बई । भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने कहा है कि वह कोरोना महामारी को लेकर एक टास्क फोर्स का गठन भी करेगी। इसमें नेशनल क्रिकेट अकैडमी (एनसीए) के प्रमुख राहुल द्रविड़ भी शामिल होंगे। बीसीसीआई ने अपनी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में राज्य संघों को यह जानकारी दी है। एनसीए प्रमुख होने के कारण द्रविड़ इस टास्क फोर्स के भी अध्यक्ष हो सकते हैं। एसओपी के अनुसार, खिलाड़ियों को अपने-अपने केंद्रों पर प्रशिक्षण शुरू करने से पहले एक सहमति फॉर्म पर भी हस्ताक्षर करना होगा। इसमें 60 वर्ष से अधिक उम्र या स्वास्थ संबंधी परेशानी का सामना कर रहे किसी व्यक्ति के शिविर में भाग लेने पर रोक है। बेंगलुरू एनसीए में ट्रेनिंग बहाली के लिए, कोवड-19 टास्क फोर्स में द्रविड़, एक चिकित्सा अधिकारी, एक स्वच्छता अधिकारी के अलावा बीसीसीआई एजीएम, क्रिकेट संचालन शामिल होंगे।
उनकी जिम्मेदारियों में ‘स्पष्ट और नियमित रूप से खिलाड़ियों के साथ संवाद करना, खतरे को प्रबंधित करने के लिए किए जा रहे उपाय का उल्लेख करने के साथ ही कोविड-19 से जुड़े मामलों के बारे में जानकारी’ देना भी शामिल है। खिलाड़ियों और राज्यों के केंद्र की तरह एनसीए में भी क्रिकेटरों को ट्रेनिंग शुरू करने से पहले एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करना होगा। एसओपी के अनुसार, ‘ट्रेनिंग की बहाली से पहले कोविड-19 संक्रमण की संभावना का पता लगाने के लिए एनसीए के प्रशासनिक कर्मचारियों सहित सभी खिलाड़ियों और कर्मचारियों का कोविड-19 (आरटी-पीसीआर) टेस्ट भी किया जाएगा। वहीं सभी खिलाड़ियों को भी इस एसओपी में निर्धारित सभी प्रोटोकॉल का पालन करने और कोविड-19 रोकथाम के संदर्भ में समय-समय पर जारी किए गए विभिन्न सरकारी आदेशों का पालन करने के लिए लिखित में सहमति देनी होगी।'
वहीं बीसीसीआई की ओर से जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक, ‘खिलाड़ियों, कर्मचारियों और हितधारकों की स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधित चीजों की जिम्मेदारी राज्य क्रिकेट संघों की होगी।’