रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि नवगठित ‘मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर‘ जिले को कैसे सजाना-संवारना है, यह उस क्षेत्र के नागरिक प्रेम, समन्वय, सहमति और भाई-चारे के साथ मिलकर तय करें। मुख्यमंत्री श्री बघेल आज यहां अपने निवास  में चिरमिरी से पद यात्रा कर रायपुर पहुंचे पदयात्रियों और नागरिकों के प्रतिनिधि मण्डल से चर्चा कर रहे थे। प्रतिनिधि मण्डल ने नए जिले के गठन और जिले के नाम में चिरमिरी का नाम भी शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल और पाली तानाखार विधायक श्री मोहित राम केरकेट्टा, चिरमिरी नगर निगम की महापौर श्रीमती कंचन जायसवाल भी उपस्थित थीं।
      मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मण्डल से कहा कि राज्य सरकार ने इस जिले का गठन कर क्षेत्र की वर्षों पुरानी बहुप्रतिक्षित मांग को पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रतिनिधि मण्डल में शामिल सभी लोगों को नवरात्रि महापर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पदयात्रियों को माता कौशल्या की नगरी चंदखुरी में माता कौशल्या मंदिर के लोकार्पण और राम वन गमन पर्यटन परिपथ के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक संध्या के आज आयोजित किए जा रहे समापन समारोह में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।
     इस अवसर पर पदयात्रियों ने पदयात्रा के दौरान अपने अनुभव भी सुनाए। पदयात्रियों ने बताया कि उन्होंने 26 सितम्बर को चिरमिरी से पदयात्रा प्रारंभ की थी, 14 दिनों में लगभग 350 किलोमीटर की पदयात्रा कर वे आज रायपुर पहुंचे हैं। प्रतिदिन वे लोग लगभग 23-24 किलोमीटर की यात्रा करते थे। उन्होंने बताया कि वे लोग सवेरे 5.30-6 बजे यात्रा शुरू करते थे और 11 बजे विश्राम करने के बाद शाम 5 बजे से 9 बजे तक पदयात्रा करने के बाद ठहरते थे। श्री शाहिद महमूद, श्री संजय सिंह, श्री शत्रुघन कश्यप सहित अनेक पदयात्रियों और नागरिकों ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि वर्षों पुरानी मांग को पूरी करते हुए आपके नेतृत्व में क्षेत्रवासियों को नए जिले की सौगात मिली है। इसके लिए वे सदैव आभारी रहेंगे।
     विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि 38 वर्षों से क्षेत्र के लोग जिले की मांग कर रहे थे, जिसकी सौगात आपके द्वारा मिली। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किसानों, गरीबों, मजदूरों सहित सभी वर्गाेें के लिए संचालित योजनाओं की सराहना की। डॉ. जायसवाल ने बताया कि उनका सपना भी अंग्रेजी स्कूल में पढ़ने का था, लेकिन चिरमिरी के केन्द्रीय विद्यालय में एससीसीएल के अधिकारियों-कर्मचारियों के बच्चों को प्रवेश मिलता था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना के तहत चिरमिरी में प्रारंभ हुए स्कूल में अब गरीब बच्चे पढ़ रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में 10 करोड़ रूपए की लागत वाली नल जल योजना की पाईप लाईन विस्तार की स्वीकृति देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उनके आग्रह पर विचार करने का आश्वासन दिया।