रायपुर : कोरोना वायरस के लॉकडाउन के समय से लोगो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस मुश्किल हालात में आम जनता की बेहतर जीवनयापन के लिए राज्य सरकार द्वारा कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे इसलिए गरीब परिवारों को राहत दिलाने निःशुल्क राशन वितरण की व्यवस्था भी शुरू की है।

    छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत जिले के लोगो को निःशुल्क राशन, अमृत नमक व चना वितरण किया जा रहा है। साथ ही शासन के निर्धारित मूल्य पर शक्कर एवं मिट्टी का तेल भी दिया जा रहा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बलौदाबाजार शहर के वार्ड क्रमांक 18 में रहने वाली श्रीमती पुष्पा ठाकुर उम्र 62 वर्ष ने बताया कि कोरोना वायरस महामारी के चलते कामकाज बंद है। काम बंद होने से खानपान कि बहुत परेशानी हो रही थी। मैं और मेरी बेटी इसको लेकर बहुत चिंतित थे। मैं घर का ही काम करती हूं और मेरी बेटी काम मंे जाती है। लॉकडाउन में हम गरीबों का क्या होगा इस बारे में सोच सोच कर बहुत चिंतित थे, पर इस मुश्किल समय में पीडीएस के तहत सोसायटी से 3 महीने अप्रैल,मई,जून का निःशुल्क राशन देकर हम गरीबों का मददगार सरकार बनी है। मेरे कार्ड का चना और मिट्टी तेल बचा था जिसे आज राशन दुकान लेने आई थी। उन्होंने निःशुल्क राशन देने पर एवं गरीब मजदूर परिवारों के दर्द को समझने के लिए प्रदेश सरकार के मुखिया श्री भूपेश बघेल के प्रति आभार जताया।

    इसी तरह बलौदाबाजार शहर निवासी श्रीमती केजवती उम्र 55 वर्ष ने बताया कि मुझे भी 3 महीने का निःशुल्क राशन मिल गया हैं। लॉक डाउन के दौरान अचानक सभी काम बंद होने से बहुत चिंतित थी। मेरा पति नही है। एक बेटा है जो शहर में ही मजदूरी का काम करता है। एक गरीब परिवार को चावल मिलना बड़ी राहत है। हम छत्तीसगढ़िया लोग भात खाए बिना नही रह सकते। उन्होंने मुख्यमंत्री के द्वारा दिए गए निःशुल्क राशन के लिए आभार व्यक्त किया। जिले के प्रभारी खाद्य अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्री राकेश गोलछा ने बताया कि जिले में कुल 3 लाख 42 हजार 813 राशन कार्ड जारी किया गया था। राज्य सरकार के आदेशानुसार 3 माह अप्रैल, मई जून हेतु प्राथमिकता क्रम में अंत्योदय, अन्नपूर्णा वाले राशन कार्डधारियों को कुल 4 लाख 20 हजार 7 सौ 13 क्विंटल निःशुल्क चावल वितरण किया गया है। लॉकडाउन में अपनी रोजी रोटी गवाने वाले श्रमिकों को जिनके पास राशन कार्ड नही है। ऐसे एक-एक सदस्य को ग्राम पंचायतों के माध्यम से 5-5 किलो राशन प्रदाय किया गया है।