किसान आंदोलन:भोपाल में देर रात पुलिस ने धरने पर बैठे किसानों को उठाया; टेंट भी खोलकर ले गए

देर रात धरना स्थल पहुंची पुलस ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को मौके से हटा दिया। 

संघ के संयोजक बोले- शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बलपूर्वक हटाना शर्मनाक

दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों का आंदोलन के समर्थन में भोपाल में धरने पर बैठे किसानों को शुक्रवार देर रात पुलिस ने हटा दिया। मौके से पुलिस टेंट और माइक भी खोलकर ले गई। अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा मध्य प्रदेश के संयोजक विजय कुमार ने बताया कि किसान आंदोलन के समर्थन में भोपाल के करोंद कृषि उपज मंडी के गेट के सामने संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में चल रहे शांतिपूर्ण धरने को आधीरात में बलपूर्वक हटाया गया है। यह बेहद शर्मनाक है।

यह कार्रवाई सरकार के किसान विरोधी चेहरे को उजागर करती है। शिवराज सरकार के इस तानाशाही पूर्ण रवैए की हम भर्त्सना करते हैं। अपने आप को किसान कहने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान किसानों को विरोध दर्ज कराने का अधिकार भी नहीं दे रहे हैं। मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन का बलपूर्वक दमन किया जा रहा है।

दोबारा धरने पर न बैठ सकें इसलिए पुलिस टेंट और माइक आदि भी खोलकर ले गई।

26 को ट्रैक्ट्रर परेड करेंगे

विजय ने बताया कि धरने में सीहोर, विदिशा, रायसेन और भोपाल संभाग के किसान संगठन बैठे थे। इसके अलावा जिला स्तर पर भी प्रदर्शन जारी है। अब हम 26 जनवरी को विरोध में परेड निकालेंगे। इसमें ट्रैक्टर और बाइक रहेंगी। अभी परेड के रिंग रोड पर ही निकालने पर चर्चा हुई है। शहर के अंदर ऐसे नहीं ले जाएंगे, लेकिन हमारा प्रदर्शन आज से शुरू हो रहा है।

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48 घंटे भी नहीं बैठ पाए

किसान संगठनों ने भोपाल में 21 जनवरी की रात धरना शुरू किया था, लेकिन यह धरना 48 घंटे भी नहीं चल सका और पुलिस ने इसे हटा दिया। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि संगठनों ने इसके लिए अनुमति ली थी या नहीं।