26 जनवरी के बाद मिशन मोड में दिखेगी कांग्रेस
भोपाल । दिल्ली में विधानसभा चुनावी माहौल का रंग मप्र के महू से गहरा दिखाई देगा। 26 जनवरी को महू से राहुल और प्रियंका गांधी जय बापू-जय भीम यात्रा की शुरुआत करेंगे। लेकिन, इस यात्रा के शुरू होते ही मप्र कांग्रेस भी डबल एक्टिव होने जा रही है। कांग्रेस पांच वर्गों पर फोकस कर चौपाल और सम्मेलन करेगी। इसमें प्रदेश के बड़े नेताओं की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जानकारी के अनुसार कांग्रेस महिला, युवा, आदिवासी, किसान और संबंधित क्षेत्र की बड़ी समस्या या मुद्दे पर फोकस करेगी। ब्लॉक स्तर पर पंचायत की जाएगी। साथ ही सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे। पीथमपुर में भोपाल गैस त्रासदी के जहरीले कचरे को लेकर किए आंदोलन को कांग्रेस सफल मान रही है। लिहाजा पंचायतों में स्थानीय ज्वलंत समस्याओं पर फोकस किया गया है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने बताया कि सत्ताधारियों को जगाने का काम ही विपक्ष का होता है। प्रदेश में सोई हुई भाजपा को जागने के लिए कांग्रेस ने पंचायत और सम्मेलनों का खाका तैयार किया है। हर पंचायत और हर विधानसभा स्तर पर चौपाल लगाई जाएगी। महू से होने वाले आगाज को पूरे प्रदेश में आगे बढ़ाया जाएगा। त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश का हर वर्ग जन विरोधी नीतियों से परेशान है। युवा बेरोजगार है, महिला असुरक्षित है, किसान खेती के लिए परेशान है तो सरकारी महकमों में भारी भ्रष्टाचार है। लिहाजा कांग्रेस जन आंदोलन के जरिए सरकार को नींद से जगाने का काम करेगी।
कांग्रेस अंदरूनी पंचायत में उलझी, सब नाटक
कांग्रेस के बिग एक्टिव प्लान पर भाजपा ने निशाना साधा। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय धवले ने कहा कि कांग्रेस को महू से आंदोलन या यात्रा की शुरुआत नहीं बल्कि माफी यात्रा निकालनी चाहिए। इतिहास गवाह है कि अंबेडकर के खिलाफ कांग्रेसी नेताओं तब क्या-क्या षड्यंत्र किए थे। धवले ने कहा कि प्रदेश में पंचायत और चौपाल की बात करने वाली कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी पंचायत से बाहर नहीं निकल पा रही है। कमलनाथ बैठक में कहते हैं कि मुझे कोई पूछता तक नहीं है, दिग्विजय सिंह भी कमलनाथ के समर्थन में उतरे। कांग्रेस को चाहिए कि पहले जो संगठन में फैला रायता है उसे समेटें। प्रदेश की कमान सुरक्षित हाथों में होने के कारण लगातार प्रगतिमान है। कांग्रेस के झूठे इवेंट को जनता समझ चुकी है।

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