सिंगरौली का मामला गरमाया, विपक्ष ने रेत माफियाओं को सत्ता संरक्षण देने का लगाया आरोप
सिंगरौलीः मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से मारपीट का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के बैढ़न मुख्यालय से सटे बलियारी इलाके में रेत माफियाओं और रेत ठेकेदार के कर्मचारियों के बीच जमकर विवाद और मारपीट हुई। आरोप है कि निजी रेत कंपनी के कर्मचारी सत्यम पांडेय और सुनील कुमार यादव पर रेत माफिया महेंद्र शाह उर्फ लाला, संजय गिरी और बाबूराम ने दौड़ा-दौड़ाकर जानलेवा हमला किया। गंभीर घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राजनीतिक संरक्षण का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार रेत माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है। इसके चलते बैढ़न कोतवाली पुलिस अवैध रेत खनन और परिवहन पर आंखें मूंदकर बैठी है। रात दिन ट्रैक्टर-ट्रॉली से रेत की ढुलाई हो रही है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब घटना के बाद पुलिस पर राजनीतिक दबाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
दोनों पक्षों पर काउंटर केस दर्ज
मारपीट की घटना के बाद रेत ठेकेदार ने कोतवाली थाने में माफियाओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, पीड़ित कर्मचारी की शिकायत पर पुलिस ने माफियाओं के तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। खास बात यह है कि ठेकेदार और माफियाओं दोनों पक्षों पर काउंटर केस दर्ज हुआ है।
क्यों हुआ हमला
मिली जानकारी के अनुसार रेत माफिया अवैध खनन कर रहे थे। रेत ठेकेदार के कर्मचारियों ने माफियाओं को रेत निकालने और बिक्री करने से किया मना। इस पर आक्रोशित रेत माफियाओं ने कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इस हमले में दो कर्मचारी घायल हो गए हैं। वहीं, एक कर्मचारी गंभीर है, जिसने शिकायत दर्ज कराई है।
सीसीटीवी फुटेज बना सबूत
बताया जा रहा है कि रेत ठेकेदार की बलियरी स्थित ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरे हमले की लाइव तस्वीरें रिकॉर्ड हुई हैं। दिनदहाड़े हुई इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। इसके साथ ही दिन दहाड़े हुई मारपीट की चर्चा हो रही है।

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