रजब महीने का दिखा चांद, ख्वाजा मोइनुद्दीन के 813वें उर्स की हुई शुरुआत
राजस्थान के अजमेर में स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 813वें उर्स की शुरुआत बुधवार को रजब का चांद दिखाई देने के साथ हो गई. इसके साथ ही दरगाह में देर रात मजार शरीफ पर गुस्ल की रस्म अदा की गई. महफिल खाने में उर्स की पहली महफिल में सूफियाना कलाम पेश किए गए. बड़े पीर की पहाड़ी से तोप दागकर और दरगाह परिसर में शादीयाने व नगाड़े बजाकर चांद दिखाई देने की घोषणा की गई. इसके साथ ही उर्स की धार्मिक रस्मों की शुरुआत की गई. उर्स की शुरुआत होते ही देश-विदेश से हजारों भक्त और कलंदर अजमेर दरगाह में हाजिरी लगाने आ रहे हैं.
दरगाह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद नदीम ने बताया कि छठी रजब को ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती का विसाल (निधन) हुआ था. ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की पेशानी पर लिखा था ‘अल्लाह का दोस्त अल्लाह की याद में रुखसत हुआ’. ख्वाजा गरीब नवाज की पुण्यतिथि के मनाए जाने को ही उर्स कहते हैं.
जायरीन की आवक शुरू
ख्वाजा साहब के उर्स के लिए कायड़ विश्राम स्थली में जायरीनों की आवक शुरू हो गई है. प्रशासन की तरफ से जायरीनों के लिए बंदोबस्त करा दिए गए है. अलग-अलग राज्यों से हजारों की संख्या में जायरीन ख्वाजा साहब के उर्स में पहुंच रहे हैं.
पुलिस के पुख्ता इंतजाम
मेले के दौरान जगह-जगह सुरक्षा व सतर्कता के लिए अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है. बिना आईडी के कमरा देने पर होटल-गेस्ट हाउस संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी. मेला क्षेत्र में रहने वाले लोग भी मेला क्षेत्र में चार पहिया वह तीन पहिया वाहन में आ जा नहीं सकेंगे. सिर्फ दो पहिया वाहन की अनुमति होगी, वो भी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए दी जाएगी.

राशिफल 23 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
कृषि, पशुपालन और उद्यम से जुड़ी धरमजयगढ़ की महिलाएं अब स्थानीय बीजों और अनाजों से बना रहीं राखियां
विष्णुभोग चावल बना जीपीएम जिले का गौरव
रेल यात्रियों और मासूम बच्चों की सुरक्षा के प्रति जीआरपी की संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण
नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान को प्रदेशभर में मिल रहा जनसमर्थन