वर्ल्ड वाइड फंड (WWF) ने दुनिया को बड़ी चेतावनी दी है। WWF का कहना है कि आने वाले एक दशक में धरती सबसे बड़े विनाश की तरफ बढ़ रही है। दुनिया में पर्यावरण और पशुओं के लिए काम करने वाले चर्चित संगठन ने कहा कि डायनासोर के खात्मे के बाद यह सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इसकी वजह से करोड़ों वृक्ष और जीव विलुप्त हो जाएंगे। संगठन का कहना है कि इसकी वजह से विलुप्त होने वाले जीवों में हाथी, ध्रुवीय भालू, शार्क, मेंढक और मछलियों जैसे जीव शामिल हैं। ऐसे 10 लाख जीव हैं जिन पर खतरा मंडरा रहा है। 

WWF
ने साल 2021 के लिए विनर्स एंड लूजर्स की एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा गया है कि आने एक दशक में लगभग 10 लाख जीव विलुप्त हो जाएंगे। इससे पहले डायनासोर काल में महाविनाश हुआ था और अब एक दशक में विनाश होने जा रहा है। इस समय 142,500 प्रजातियां संरक्षण के जरूरी रेड लिस्ट में शामिल हैं। इनमें शामिल 40 हजार प्रजातियों पर विलुप्त होने का खतरा है। 


डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने चेतावनी देते हुए कहा कि दुनिया में जीव बहुत तेजी से विलुप्त हो सकते हैं। संगठन की तरफ से एक वैश्विक संरक्षण समझौते की अपील की गई है। अफ्रीका के जंगलों में पाए जाने वाले हाथी पर सबसे अधिक विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। बीते 31 साल में 86 प्रतिशत हाथियों की संख्या कम हो गई है। 

आर्कटिक समुद्र में बर्फ बहुत तेजी से पिघल रही है। इसकी वजह से ध्रुवीय भालु विलुप्त हो सकते हैं। एक अनुमान के मुताबिक, साल 2035 तक पूरा आर्कटिक से बर्फ गायब हो जाएगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि जलवायु संकट और समुद्र में बहुत अधिक मछली पकड़ने की वजह से शार्क की संख्या में 30 प्रतिशत की कमी हो गई है। 


इन जीवों पर भी मंडरा रहा संकट

रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि जर्मनी में मिलने वाले मेढक और टोड्स भी इस महाविनाश में खत्म हो जाएंगे। निर्माण की वजह से आधे उभयचर प्राणियों पर भी विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि डब्ल्यूडब्ल्यूएफ का कहना है कि अभी भी उम्मीद की किरण बाकी है।